जल संसाधन विभाग कटनी के कार्यपालन यंत्री चिंतामन ठाकरे एवं क्लर्क कृष्णकुमार सोनवानी को भ्रष्टाचार के मामले में सजा

 

#कटनी# संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट

विशेष न्यायालय भृष्टाचार निवारण अधिनियम, ने जल संसाधन विभाग कटनी के कार्यपालन यंत्री चिंतामन ठाकरे को भृष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/12 में 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5000 हजार रुपये के अर्थदण्ड एवं क्लर्क कृष्णकुमार सोनवानी को भृष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में 04 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5000 हजार रुपये के अर्थदण्ड एवं धारा 13(2) में 05 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5000 हजार रुपय के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है ।*

💢 *मामलें में विशेष लोक अभियोजक लोकायुक्त श्री अभिषेक मेहरोत्रा द्वारा शासन की ओर से पैरवी की गयी एवं तर्क प्रस्तुत किए गए ।* 💢

*मामला यह है कि-* _”दिनाँक- 17.07.2013 को शिकायतकर्ता / प्रार्थी के.बी.गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत किया था कि, उसके अर्जित अवकाश के प्रकरण का निराकरण कार्यपालन यंत्री श्री चिंतामन ठाकरे से करवानें के लिए कार्यालय के क्लर्क (स्थापना लिपिक ) श्री कृष्णकुमार सोनवानी उससे ₹7000 की रिश्वत की मांग कर रहे हैं, *(उक्त सम्बंध में वह कार्यपालन यंत्री श्री चिंतामन ठाकरे से मिला तो उन्होंने भी यही कहा कि सोनवानी बाबू जो कह रहें है वही करो तभी आपका काम होगा )* वह उन्हें रिश्वत नही देना चाहता है, बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता है ।_

प्रार्थी की उक्त शिकायत पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए लोकायुक्त ट्रेपदल निरीक्षक राजीव गुप्ता के द्वारा *दिनाँक- 18.07.2013* को आरोपी क्लर्क श्री के.के.सोनवानी को ₹4000 की रिश्वत लेते जल संसाधन विभाग कटनी से गिरफ्तार किया गया था, तत समय श्री सी.डी.ठाकरे को भी लोकायुक्त ने रिश्वत की मांग का दुष्प्रेरण करने के अपराध में गिरफ्तार किया था ।

लोकायुक्त पुलिस द्वारा विवेचना उपरान्त उक्त मामलें का अभियोगपत्र विशेष न्यायालय कटनी के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, माननीय विशेष न्यायाधीश ने आरोपी कार्यपालन यंत्री श्री चिंतामन ठाकरे को रिश्वत की मांग का दुष्प्रेरण करने के अपराध का दोषी मानते हुए तथा आरोपी श्री कृष्णकुमार सोनवानी क्लर्क को प्रार्थी के.बी. गुप्ता से रिश्वत की मांग करने एवं ₹4000 की रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए आज *दिनाँक 30.11.2018* को दण्डित किया गया है ।