मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल का गठन सिंधिया के 7 समर्थक तथा कमल नाथ के 21 समर्थकों ने ली शपथ

भोपाल। mp24 news

देवेंद्र वर्मा की रिपोर्ट

शपथ समारोह से एक दिन पहले तक मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपनी टीम के नाम तय करने में तगड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मंत्रियों के नामों पर सहमति बनाने के लिए कमलनाथ ने सोमवार देर रात 2.00 बजे मंत्रिमंडल kamalnath mantrimandal की सूची को अंतिम रूप दिया।

उनकी टीम में 28 मंत्री होंगे। सभी को कैबिनेट का दर्जा दिया जाएगा। इस सूची को अंतिम रूप देने के लिए कमलनाथ दिल्ली में राहुल गांधी और प्रदेश के नेताओं के साथ मंथन team kamalnath करते रहे। अपने समर्थकों के नाम जुड़वाने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया भी दिल्ली में डेरा डाले रहे, लेकिन अंतत: टीम चयन में कमलनाथ की चली।

इसमें दिग्विजय सिंह की भी सहमति रही। तीन दिन से नेताओं के बीच एक राय नहीं होने से सूची में नाम जोडऩे और काटने का सिलसिला चलता रहा। मंत्रिमंडल team kamalnath में सभी क्षेत्रों का ध्यान रखा है।

इसे मिशन 2019 की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। मालवा-निमाड़ अंचल को सबसे ज्यादा 9 मंत्री मिले हैं। मध्यक्षेत्र से 6 और ग्वालियर-चंबल से 5 मंत्री बनाए जा रहे हैं।

शपथ समारोह मंगलवार को अपराह्न 3 बजे राजभवन में होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से सुबह राजभवन को मंत्रियों ministers of MP की सूची भेजी जाएगी। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोपहर 12 बजे भोपाल पहुंचेंगे, लेकिन सिंधिया के आने का कोई कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

जेनिफर नामित विधायक : जबलपुर की जेनिफर निवाइस को एंग्लो इंडियन वर्ग में नामित विधायक नियुक्त किया जा रहा है।

TEAM KAMALNATH: ये बने मंत्री- देखिए लिस्ट List of lamalnath Ministers….

ये रह चुके हैं पहले भी मंत्री-

1- डॉ. गोविंद सिंह- लहार से सातवीं बार निर्वाचित। पहले कांग्रेस सरकार में गृह और सहकारिता मंत्री रहे।

2- आरिफ अकील- भोपाल उत्तर से छठवीं बार जीते। अल्पसंख्यक कल्याण एवं गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री रह चुके हैं।

3- सज्जन सिंह वर्मा- सोनकच्छ से चौथी बार विधायक बने। नगरीय प्रशासन मंत्री रह चुके हैं। अजा का बड़ा चेहरा।

4- बाला बच्चन- राजपुर से पांचवीं बार विधायक बने। पहले खेल एवं युवा कल्याण और स्वास्थ्य मंत्री रहे।

5- विजयलक्ष्मी साधौ – महेश्वर से तीन बार विधायक रहीं। एक बार राज्यसभा सदस्य और मंत्री रहीं।

6- हुकुम सिंह कराड़ा- शाजापुर से पांचवीं बार के विधायक, पहले उर्जा मंत्री रहे, मालवा का बड़ा चेहरा

ये बनेंगे पहली बार मंत्री –
7- तरूण भनोट- जबलपुर पश्चिम से दूसरी बार विधायक। कमलनाथ के करीबी। ब्राह्मण चेहरा।

8- लखन घनघोरिया- जबलपुर पूर्व से दूसरी बार विधायक। कमलनाथ के करीबी। अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व।

9- ब्रजेंद्र सिंह राठौर-पृथ्वीपुर से पांचवीं बार के विधायक। दिग्विजय गुट के माने जाते हैं। बुंदेलखंड का बड़ा चेहरा।

10- लाखन सिंह यादव- भितरवार विधानसभा से लगातार चौथी बार विधायक बने। सिंधिया गुट में माने जाते हैं।

11- तुलसी सिलावट- सांवेर से चौथी बार के विधायक। मालवा का एससी चेहरा, सिंधिया गुट में माने जाते हैं।

12- गोविंद सिंह राजपूत- सुरखी से तीसरी बार के विधायक। बुंदेलखंड के युवा नेता। सिंधिया गुट में माने जाते हैं।

13- ओमकार मरकाम- डिंडौरी से लगातार तीसरी बार विधायक। आदिवासियों में अच्छी पकड़। कमलनाथ समर्थक।

14- सुखदेव पांसे-मुलताई से तीसरी बार विधायक बने। युवा चेहरा। कमलनाथ के करीबी माने जाते हैं।

15- प्रभुराम चौधरी- सांची से तीसरी बार के विधायक, अनुसूचित जाति से प्रतिनिधित्व। सिंधिया समर्थक।

16- जयवद्र्धन सिंह-राधौगढ़ से लगातार दूसरी बार विधायक। दिग्विजय सिंह के पुत्र। युवा चेहरा।

17- हर्ष यादव- देवरी से दूसरी बार विधायक बने। यादव समाज का प्रतिनिधित्व। दिग्विजय समर्थक।

18- कमलेश्वर पटेल- सिंहावल से लगातार दूसरी बार विधायक। विंध्य से ओबीसी चेहरा। कमलनाथ करीबी।

19- सचिन यादव- कसरावद से दूसरी बार विधायक। दिग्गज नेता रहे सुभाष यादव के पुत्र और अरूण यादव के भाई

20- पीसी शर्मा- भोपाल दक्षिण-पश्चिम से जीते। दो बार विधायक रहे। ब्राह्मण चेहरा। दिग्विजय सिंह के करीबी।

21- सुरेंद्र सिंह बघेल- कुक्षी से दूसरी बार जीते। एसटी युवा चेहरा। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह के पुत्र। कमलनाथ समर्थक।

22- जीतू पटवारी- राउ से दूसरी बार विधायक। मालवा का तेज तर्रार चेहरा। राहुल गांधी के नजदीकी।

23- उमंग सिंघार- गंधवानी से तीसरी बार जीते। पूर्व उपमुख्यमंत्री जमुनादेवी के भतीजे। दिग्विजय के समर्थक।

24- प्रद्युम्न सिंह- ग्वालियर से दूसरी बार विधायक। मंत्री जयभान सिंह पवैया को हराया। सिंधिया समर्थक।

25- प्रदीप जायसवाल- वारासिवनी से चौथी बार विधायक। कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय जीते। कमलनाथ समर्थक।

26- महेंद्र सिसोदिया- बमौरी से दूसरी बार विधायक। ग्वालियर क्षेत्र का क्षत्रिय चेहरा। सिंधिया समर्थक।

27- इमरती देवी- डबरा से तीसरी बार विधायक। एससी का महिला चेहरा। सिंधिया गुट की मानी जाती हैं।

28- प्रियव्रत सिंह- खिलचीपुर से दूसरी बार विधायक बने। क्षत्रिय युवा चेहरा। दिग्विजय सिंह के करीबी रिश्तेदार हैं।

ऐसे समझें: क्षेत्रीय समीकरण

05 ग्वालियर -चंबल
03 बुंदेलखंड
04 महाकौशल
06 मध्य क्षेत्र
09 मालवा-निमाड़
01 विंध्य

कमलनाथ की चली-
मंत्रिमंडल के गठन में मुख्यमंत्री की पसंद ही चली। इसमें सात सदस्य सिंधिया समर्थक हैं तो 21 सदस्य कमलनाथ और दिग्विजय खेमे के हैं।

जातिगत समीकरण –
08 : ठाकुर
02 : ब्राह्मण
04 : एसटी
05 :एससी
05 : ओबीसी
03 : यादव
01 : मुस्लिम
02 : महिला

एनपी प्रजापति होंगे स्पीकर
नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव सीट से चौथी बार विधायक बने एनपी प्रजापति विधानसभा अध्यक्ष होंगे। इस पद के लिए गोविंद सिंह और विजयलक्ष्मी साधौ का नाम चर्चा में था, लेकिन दोनों के इनकार करने के बाद प्रजापति के नाम पर मुहर लगी। प्रजापति संसदीय मामलों के अच्छे जानकार माने जाते हैं। वे दिग्विजय शासन में ऊर्जा मंत्री भी रहे।