पीएम मोदी के ‘मैं भी चौकीदार’ के जवाब में युवाओं का ‘मैं भी बेरोजगार’ अभियान

 

अश्वनी मिश्रा की रिपोर्ट

भोपाल / सिवनी – लोकसभा चुनाव रोचक मोड़ ले रहा है। अच्छी बात यह है कि असभ्यता के बजाए संसदीय शब्दों में बहस और अभियान शुरू हुए हैं। लेकिन क्या चोर और चौकीदार जैसे जुमलों से देश में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या का हल होगा इसका जवाब इन राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के पास में नहीं है। कांग्रेस ने ‘चोकीदार ही चोर है’ अभियान चलाया था तो जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ शुरू किया। कांग्रेस इसका जवाब नहीं दे पाई लेकिन मोदी सरकार से निराश बेरोजगार युवकों ने ट्वीटर पर अपने नाम के आगे ‘बेरोजगार’ लगाना शुरू कर दिया है। बता दें कि ‘मैं भी बेरोजगार’ अभियान 2018 में छत्तीसगढ़ में चला था और खूब लोकप्रिय हुआ था।

## देश में तेजी से बढ़ रहा बेरोजगारी का आंकड़ा ##

लोकसभा चुनाव 2019 में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। देश के प्रमुख राजनीतिक दल इस समस्या से हटके चोर और चौकीदार जुमले में देश की जनता को भ्रमित करना चाह रहे हैं, जबकि बड़ी समस्या देश के अंदर बढ़ती हुई बेरोजगारी है।
2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने शिक्षित युवाओं को ‘रोजगार’ देने का वादा किया था लेकिन इस मामले में मोदी सरकार सफलता के आंकड़े पेश नहीं कर पाई। कांग्रेस ने भी ‘बेरोजगारी’ को ना केवल मुद्दा बनाया बल्कि वादा भी किया है कि यदि वो सत्ता में आई तो ‘बेरोजगारी’ दूर करने के लिए सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती शुरू की जाएगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते रोज ट्वीटर पर अपने नाम के आगे ‘चौकीदार’ लगा लिया। देखते ही देखते सारे देश में भाजपा नेताओं ने अपने नाम के आगे ‘चौकीदार’ लगाया और इस तरह एक ही दिन में यह अभियान पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गया है। कांग्रेस के पास इसका कोई जवाब नहीं था लेकिन नौकरी की आस में वोट देकर निराश हुए युवाओं ने इसके जवाब में नया अभियान शुरू कर दिया है। वो ट्वीटर पर अपने नाम के आगे ‘बेरोजगार’ लगा रहे हैं।