केवलारी(खरसारू)– शासकीय हाई स्कूल की करोड़ों की बिल्डिंग तैयार, पर विद्यार्थी परेशान


केवलारी–लगभग एक करोड़ का भवन होने के बाद भी बाहर बेठकर अध्यन करने को मजबूर छात्र छात्राएँ
दो वर्षो से तैयार खड़ा है़ नवनिर्मित हाईस्कूल भवन जिम्मेदारों के लापरवाह रवैया के चलते कक्षाओ का नही किया जा रहा संचालन
एक तरफ देश प्रदेश की सरकारो द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के प्रचार प्रसार मे अरबो रुपये खर्च किये जा रहे है़ तो दूसरी तरफ सरकार के मुख्य अंग कहे जाने वाले सरकारी नुमाइंदों के लापरवाह रवैया के चलते अनेक स्थानो मे स्कूल भवन जर्जर नज़र आ रहे है़ तो कही नवनिर्मित भवन निर्माण होने के बाद छात्र छात्राएँ खुले आसमान के नीचे बेठकर अध्यन करने को मजबूर नजर आ रहे है़ ऐसे ही एक मामला केवलारी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम खरसारू का है़ जहा पर इतनी भीषण गर्मी के बावजूद ग्राम खरसारू, मोहगांव, बरेली, खापा, थवारी के सेकंडों छात्र छात्राएँ एवं एवं स्थानीय महिलाओ द्वारा जिला कलेक्टर के नाम एसडीएम की अनुपस्थित मे केवलारी तहसीलदार को आपना ज्ञापन सौंपा एवं मांग रखी की दो वर्षो से हाई स्कूल भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका, उनका कहना है़ उक्त भवन मे रंग-रोहन, विधुत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था जेसे सभी बुनयादी जरूरत पूर्ण हो चुकी है़, जिस वजह से ग्रामीणो ने विगत वर्ष भी मांग रखी थी की उक्त भवन पर कक्षाएँ संचालित की जाऐ और यादि ठेकेदार द्वारा भवन पर किसी प्रकार की लापरवाही या कमी की गई है़ तो उसे संबंधित विभाग द्वारा नोटिस जारी कर कार्य को जल्द पूर्ण कराया जाऐ , किन्तु उस समय जिम्मेदारों के कानो पर ज्यो तक नही रैगिं इस वजह से पिछले सत्र मे छात्रों की संख्या अत्यधिक हो जाने के कारण मजबूरी मे कुछ छात्रों को शासकीय माध्यमिक शाला खरसारू के स्कूल प्रांगण पर बेठकर खुले आसमान के नीचे धूप, बारिश का सामना करते हुऐ अध्यन करने को मजबूर है़ ! आपको बता दे की उक्त हाई स्कूल मे ग्राम खरसारू, मोहगांव, खापा, बरेली, थवारी के छात्र छात्राएँ अध्यन करने आते है़ जिस वजह से छात्र छात्राओ की संख्या अधिक हो जाती है़ ! माध्यमिक शाला खरसारू के छात्र छात्रों की शिक्षा भी हो रही प्रभावित उल्लेखनीय होगा की शासकीय हाई स्कूल भवन खरसारू मे ताला जाड़ा होने के चलते शासकीय माध्यमिक शाला भवन खरसारू मे ही 9 वी एवं 10 वी के छात्र छात्रायें भी वही अध्यन करने को मज़बूर है़ जिस वजह से छात्र छात्रों की संख्या अत्यधिक हो जाने के चलते स्थान का आभाव होता है़ जिससे माध्यमिक शाला मे अध्यनारत छात्र छात्राओ की शिक्षा भी बेहद प्रभावित हो रही है़ शासन-प्रशासन से हम यही उपेक्षा करते हैं कि बच्चों के हक की एवं उनकी सुरक्षा पढ़ाई को देखते हुए जल्द से जल्द स्कूल के नवनिर्मित भवन में उनकी क्लास की व्यवस्था कराई जाए ताकि विद्यार्थी अपना अध्यापन कार्य बिना किसी रुकावट के कर सके