छपारा पंचायत के सरपंच सचिव और उपसरपंच के भ्रष्टाचार से त्रस्त 13 पंच जनसुनवाई में इस्तीफा देने पहुंचे

छपारा पंचायत के सरपंच सचिव और उपसरपंच के भ्रष्टाचार से त्रस्त 13 पंच जनसुनवाई में इस्तीफा देने पहुंचे

चेतन गांधी की रिपोर्ट

सिवनी – आज जिला कलेक्टर कार्यालय में जन सुनवाई के दौरान छपारा ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव और उपसरपंच की सांठगांठ से निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार तथा संबंधित फर्मों को फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों रुपए का भुगतान और निरंकुश कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर पंचायत के 13 पंच अपना इस्तीफा देने पहुंचे और सरपंच सचिव और उपसरपंच पर कार्रवाई करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि छपारा ग्राम पंचायत के 13 पंच जिला कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में पहुंचे और अपनी 10 सूत्रीय शिकायत पत्र के आधार पर कारवाही किए जाने की मांग के साथ अपना इस्तीफा भी जिला कलेक्टर को सौंप दिया है।

2 वर्षों से जनसुनवाई में नहीं हुई सुनवाई

जनसुनवाई में जिला कलेक्टर को छपारा ग्राम पंचायत के 13 पंचों ने अपने आवेदन तथा शिकायत पत्र में यह बताया कि वे पिछले 2 वर्षों से लगातार जनसुनवाई में छपारा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती पूनम सैयाम तथा सचिव की मिलीभगत से चल रहे भ्रष्टाचार के कारनामे प्रमाण सहित आवेदन प्रस्तुत किए थे लेकिन आज दिनांक तक संबंधित सरपंच सचिव पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।

17 लाख के प्रमाणित गबन के बाद 45 लाख का फर्जी भुगतान

छपारा पंचायत के पंचों ने दिए गए आवेदन और शिकायत पत्र में यह भी बताया है कि पिछले 2 वर्ष पहले 17 लाख रुपये गबन के मामले में जांच टीम ने सरपंच सचिव को दोषी पाया था। जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने सरपंच को निलंबित भी कर दिया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही कमिश्नर कार्यालय से सरपंच श्रीमती पूनम सैयाम ने स्थगन आदेश लाते हुए पुनः सचिव और उपसरपंच ठाकुर सुरजीत सिंह की मिलीभगत से निर्माण कार्यों और सामग्री क्रय किए जाने के नाम पर बगैर पंचायत प्रस्ताव के नियम कानूनों को ताक में रखते हुए निविदा बुलाए बगैर 45 लाख रुपए का भुगतान संबंधित फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए कर दिया गया। इस मामले का प्रकरण भी जिला पंचायत न्यायालय में विचाराधीन है।

पंचायत खाते के 1 करोड़ रुपए पर नजर

पंचों ने जिला कलेक्टर को दिए गए आवेदन में यह भी बताया है कि वर्तमान में छपारा ग्राम पंचायत के खाते में लगभग 1 करोड़ से अधिक की राशि जमा है और अब सरपंच सचिव तथा उपसरपंच की नजर इस राशि पर लगी हुई है। पंचों ने बताया कि हाल ही में मोटर पंप सुधार कार्य के नाम पर 1 लाख 50 हजार का फर्जी भुगतान अपनी चहेती फर्म को कर दिया गया है। पंचों ने यह भी पंचों ने यह भी बताया कि पंचायत खाते के 1 करोड़ से अधिक जमा राशि को फर्जी बिलों तथा संबंधित फर्मों को भुगतान किए जाने के नाम पर सरपंच श्रीमती पूनम सैयाम और सचिव बालकराम उइके तथा उपसरपंच ठाकुर सुरजीत सिंह सहित संबंधित ठेकेदारों के द्वारा की जा रही है। पंचों ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि छपारा नगर की मूलभूत सुविधाओं को दरकिनार करते हुए सरपंच सचिव और उपसरपंच सिर्फ निर्माण कार्यों और सामग्री क्रय करने के साथ-साथ अपनी मनमर्जी से अपनी चहेती फर्मों को भुगतान करने में लगे हुए हैं। जबकि छपारा नगर में 8 से 10 दिनों में एक बार नलों से पानी आ रहा है वही नगर के वार्डो की सफाई की हालत अत्यंत दयनीय है और नालियां भी साफ नहीं हुई है जिससे बारिश के समय लोगों के घरों में पानी का भराव हो सकता है। छपारा पंचायत के 13 पंचों ने जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला कलेक्टर से अपने 10 सूत्रीय आवेदन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग के साथ-साथ अपने इस्तीफा स्वीकार करने की बात कही है।