अभिनव प्रयोग — आंगनबाड़ी केंद्र को बाल शिक्षा केन्द्र के रुप मे शुभारंभ

केवलारी MP24 News –– राहुल श्रीवास्तव

 शिक्षा नीति के तहत: महिला बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश
की 313 आंगनबाड़ी केंद्रो का चयन बाल शिक्षा केन्द्र बनाये जाने का अभिनव अभियान शुरु किये जाने के परिपेक्ष्य मे परियोजना क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र को जनसहयोग से बाल शिक्षा केन्द्र मे परिवर्तन करने की योजना के तहतःएकीकृत महिला बाल विकास परियोजना के ग्राम सांठई पिपारिया की आंगनबाड़ी केंद्र का चयन बाल शिक्षा केन्द्र मे चयन किया गया है । जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मति लक्ष्मी धुर्वे के मार्गदर्शन मे सेक्टर सुपरवाइजर श्री मति किरण सोलंकी के द्वारा मध्यप्रदेश शासन केआदेशानुसार वीते 20 दिनो के अथक परिश्रम से 28 अगस्त 2019 को प्रातःकाल 11 नगर के गणमान्य नागरिको व पत्रकारो के सहयोग से बाल शिक्षा केंद्र मे लगने बाली आवश्यक सामग्रीयो मे झुला-बच्चो की ड्रेस 25 नग (ड्रेस कोड अनुसार ) बच्चो की टेबिल कुर्सी -25 नग खेलकुद सामग्री -खिलौने -साइकिल, ओर आवश्यक उपयोगी समाग्री के साथ केन्द्र को सुसज्जित करते हुए श्री प्रमोद मोदी अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी संचालक श्री माता दुर्गाम्बा दुर्गा मंदिर केवलारी ने श्री माता सरस्वती जी की पूजन ओर रिविन काटकर बाल शिक्षा केन्द्र का उद्घाटन किया ।बाल शिक्षा केन्द्र को सुसज्जित एवं सुव्यवस्थित संचालित करने के लिए सहयोग कर्ताओ मे श्री प्रमोद मोदी -अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी -श्रीअजय तिवारी सरपंच सांठई -श्री मनीष जैन नगर अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी -श्री विकास ठाकुर जनपद सदस्य -श्री सुनील चौरसिया कोषाध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी -श्री संजीव अवधिया सदस्य दुर्गा मंदिर समिति केवलारी -संतोष मोदी अध्यक्ष व्यापारी संघ केवलारी -श्री रमाशंकर महोविया बारिष्ठ पत्रकार,श्री मति रंजना शशिकांत ठाकुर जनपद अध्यक्ष ,अखिलेश ठाकुर सरपंच सारेखा, प्रदीप पांडेय एस ओ पुलिस पलारी श्री ए के जैन शाखा प्रबंधक मध्यप्रदेश ग्रामीण बैक, वी एल पाल रेंज आफिसर
ने सहयोग किया । बाल शिक्षा केंद्र बनाये जाने का अभिनय प्रयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहतः आंगनबाड़ी केंद्रो मे 5 बर्ष उम्र तक के बच्चो को अनौपचारिक शिक्षा -खेल खेल मे शिक्षा व स्वस्थ जीवन -नीति से संचालित होता है । 6बर्ष की उम्र के बाद बच्चे प्राथमिक विद्यालय मे चले जाते है । व्यवस्थाओ के अभाव के कारण तीन बर्ष की आयु के बच्चो को आर्थिक रुप से सम्पन्न परिवार अपने बच्चो को इस आनोपचारिक शिक्षा के लिए आशासकीय -आवासीय स्कूलो मे एलकेजी व बचपन प्ले शालोओ मे भेज देते है वही गरीब तबका के बच्चे खेल खेल शिक्षा नीति का शिकार होते है राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहतः ग्रामो व मोहल्ले मे संचालित आंगनबाड़ी केंद्रो को बाल शिक्षा केन्द्र के रुप मे संचालित किये जाने की योजना के प्रारंभिक चरण मे जनसहयोग से परियोजना क्षेत्रांतर्गत ग्राम सांठई की आंगनबाड़ी केंद्र को आज बाल शिक्षा केंद्र के रूप मे परिवर्तन करते ग्राम सांठई मे शुरुआत की गयी । महिला बाल विकास के सहायक संचालक श्री राजेश लिलहारे जबलपुर ने शासन की सोच को बालशिक्षा केंद्र के माध्यम से खेल खेल मे बच्चो को शिक्षा से जोड़ने की योजना का प्रारंभिक कार्यक्रम आज से शुरु किया है । श्री ए के जैन शाखा प्रबंधक, श्री प्रदीप पांडेय उपनिरीक्षक, बी एल पाल रेंजर, मनीष जैन, डा एस एस डहेरिया, श्री मति रेखा द्विवेदी, संतोष मोदी, सुनील चौरसिया, विष्णु शर्मा, विकास ठाकुर, अजय तिवारी,संस्कार तिवारी एवं प्रमोद मोदी मुख्य अतिथि ने संबोधित किया । इस मौके पर वन विभाग, पुलिस विभाग, महिला बाल विकास विभाग की श्री मति शारदा नामदेव, श्री मति गीता विसेन, श्री मति शोभा धुर्वे, श्री मति सोनल साहू, सुश्री रचना कुल्हाडे, सुश्री पुनम तिवारी पर्यवेक्षक श्री मति किरण सोलंकी कार्यक्रम प्रभारी, रमाशंकर महोविया ,प्रवीण दुबे, कृष्ण कुमार प्रजापति ,विकराल बघेल, आनंद चिन्टु कौशल मोहित कौशल पत्रकार एवं प्रेस फोटोग्राफर उपास्थित थे मंच का सफल संचालन रमाशंकर महोविया ने एवं आभार प्रदर्शन सुश्री पुनम तिवारी पर्यवेक्षक ने किया बाल शिक्षा केन्द्र के शुभारंभ मौके पर बडी संख्या मे ग्राम व ब्लाक मुख्यालय के लोग वाहक उपस्थित थे

*–ये भी एक संयोग है—*
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*परम पूज्य निरंजनी पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रज्ञानानंद जी गिरी महाराज की मातृभूमि सांठई केवलारी मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी बैनगंगा नदी के समीप स्थित है । ग्राम सांठई को बेसे भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है ओर शासन की इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट सांठई को मिला ।इसमे मे भी ईश्वर कृपा से इंकार नही किया जा सकता बाल शिक्षा केन्द्र के शुभारंभ मौके पर वार वार स्वामी जी को याद किया गया ।*