चमारी में 360 और नांदिया में 207 बोरी जप्त यूरिया कैसे बेची गई

चमारी में 360 और नांदिया में 207 बोरी जप्त यूरिया कैसे बेची गई

कृषि विभाग के अधिकारियों और यूरिया की कालाबाजारी करने वालों का मामला उजागर

अश्वनी मिश्रा की Exclusive Report

सिवनी/छपारा – अन्नदाता किसानों को एक-एक बोरी यूरिया के लिये भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग के अधिकारियों और यूरिया की कालाबाजारी करने वाले मुनाफाखोर व्यापारी किसानों की छाती में मूंग दलने के साथ-साथ अपनी जेब भरने में लगे हुये है।
बता दे कि 9 जुलाई दिन शुक्रवार की शाम को छपारा तहसील के नांदिया में 207 और चमारी में 360 बोरी यूरिया कृषि विभाग के एसडीओ मॉरीशस नाथ के द्वारा जप्ती की कार्यवाही की गई थी। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों के जाने के तुरंत बाद से ही कालाबाजारी और मुनाफाखोरी करने वालों ने जप्त यूरिया को ही 450 रुपये प्रति बोरी के भाव से मजबूर किसानों को बेच दिया है। जब कुछ किसानों ने जप्त यूरिया और 267 रुपये बोरी यूरिया को 450 रुपये में बेचे जाने का विरोध किया तो नांदिया और चमारी के यूरिया की कालाबाजारी और मुनाफाखोर करने वाले व्यापारियों नें मजबूर किसानों से स्पष्ट तौर से कहा कि लेना है तो लो क्योंकि हमने अधिकारियों को पैसे देकर मामला निपटाया है।

किराना दुकान में 450 रूपये में बेचा जा रहा यूरिया

छपारा मुख्यालय से सिर्फ 10 किलोमीटर दूरी पर नांदिया ग्राम में अनिल साहू की किराना दुकान में कृषि विभाग के एसडीओ मॉरीशस नाथ के द्वारा छापामार कार्यवाही की गई थी। जहां पर 207 बोरी यूरिया पंचनामा बनाकर जब्ती की कार्यवाही भी की गई थी। इसी तरह चमारी ग्राम मे मुकेश साहू की किराना दुकान में 360 बोरी यूरिया की पंचनामा बनाकर जब्ती की कार्रवाई की गई थी। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में उक्त दोनों ग्रामों से जप्त की गई यूरिया को ही 450 रुपये प्रति बोरी के भाव से कृषि विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ करते हुये कालाबाजारी करने वाले और मुनाफाखोर व्यापारियों ने मजबूर किसानों को बेच दिया है। अब देखना यह है कि जिला कलेक्टर के अलावा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर कब तक और क्या कार्यवाही करते हैं।

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